Ram seva trust
सेवा धर्म परमो धर्म
सेवा, समर्पण और शांति का प्रतीक।
श्री रामचंद्र सेवा धाम ट्रस्ट में आपका स्वागत है।हम एक बेहतर और दयालु समाज बनाने के लिए समर्पित हैं, जहाँ हर जरूरतमंद और बेजुबान को सहारा मिल सके।हमारे कार्यों को देखें |
"सेवा परमो धर्म: - आपके सहयोग से ही संभव है बदलाव"।
हमारा संकल्प: संस्कारयुक्त आधुनिक भारत
श्री रामचंद्र सेवाधाम ट्रस्ट का जन्म केवल ईंट-पत्थरों की इमारतें खड़ी करने के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, सेवा और संस्कारों का एक ऐसा संगम बनाने के लिए हुआ है जहाँ आधुनिक ज्ञान और प्राचीन भारतीय संस्कृति का मिलन हो। हमारा लक्ष्य रतनगढ़ की पावन धरा पर ४० बीघा के विशाल परिसर में एक ऐसा भविष्य गढ़ना है, जहाँ आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मिले, गौ-माता को ममतामयी आश्रय प्राप्त हो और हर असहाय को चिकित्सा का सहारा मिले। हम एक ऐसे समाज की कल्पना करते हैं जहाँ करुणा केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्म में दिखे। आइए, इस पुनीत सेवा-यज्ञ में अपनी श्रद्धा की आहुति दें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर विश्व का निर्माण करें।
सेवा कार्य

स्वस्थ समाज का निर्माण (Healthcare for Needy)
निःशुल्क चिकित्सा शिविरों और स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचकर उन्हें एक बेहतर और रोगमुक्त जीवन प्रदान करना।

जीव-मात्र की सेवा (Compassion for All)
४० बीघा के सुरक्षित परिसर में गौ-माता के लिए उत्तम आवास, पक्षियों के लिए दाना-पानी और हर जीव के प्रति करुणा का भाव जगाना हमारा प्राथमिक संकल्प है।

मोर संरक्षण (Peacock Conservation)
राष्ट्रीय पक्षी मोर संरक्षण विवरण: "हमारा राष्ट्रीय गौरव 'मोर' प्रकृति की अनुपम देन है। हम मोरों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और उनके लिए भोजन-पानी की विशेष व्यवस्था करने के लिए समर्पित हैं।"

संस्कारित शिक्षा (Value-Based Education):
हमारा लक्ष्य केवल साक्षर बनाना नहीं, बल्कि रतनगढ़ में एक ऐसा शिक्षण संस्थान विकसित करना है जहाँ आधुनिक विज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का ज्ञान दिया जाए।
श्री रामचंद्र सेवाधाम ट्रस्ट (सेवा, समर्पण और मानवता का पवित्र संगम)
हमारे बारे में
श्री रामचंद्र सेवाधाम ट्रस्ट का जन्म ‘नर सेवा, नारायण सेवा’ के पवित्र उद्देश्य से हुआ है। हमारा मानना है कि ईश्वर की सच्ची पूजा उसकी बनाई सृष्टि की सेवा में ही निहित है।
हमारा उद्देश्य समाज के उन पहलुओं को स्पर्श करना है जहाँ करुणा और सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता है। चाहे वह बेजुबान गोवंश और पक्षियों की सेवा हो, या फिर किसी जरूरतमंद मनुष्य को चिकित्सा और शिक्षा उपलब्ध कराना हो—हमारा ट्रस्ट हर कदम पर सेवा के लिए तत्पर है।
हमारा प्रयास है कि हम एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ कोई भूखा न सोए, कोई इलाज से वंचित न रहे और बेजुबान जीवों को भी प्रेम और सुरक्षा मिले।
“आइए, सेवा के इस महायज्ञ में हमारे साथ जुड़ें और पुण्य के भागी बनें।”
हमसे जुड़ें (Join Our Journey)
यह पुण्य कार्य अकेले संभव नहीं है। यह एक सामूहिक यज्ञ है जिसमें आपकी आहुति की आवश्यकता है। चाहे वह समय का दान हो, धन का सहयोग हो, या सिर्फ़ आपका आशीर्वाद—आपका हर योगदान श्री राम के चरणों में अर्पित होगा।
आइये, हम सब मिलकर एक बेहतर कल का निर्माण करें।
आपके समर्थन से ही हमारे सेवा कार्य संभव हो पाते हैं।











मुख्य समाचार पत्रों द्वारा प्रकाशित किए गए हमारे कार्य








हमारी प्रेरणा (Our Inspiration)
“परहित सरिस धर्म नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अधमाई।”
गोस्वामी तुलसीदास जी की ये पंक्तियाँ ही हमारी प्रेरणा हैं। हमारा सपना एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ करुणा (Compassion) और सहयोग (Cooperation) ही जीवन का आधार हो।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: श्री रामचंद्र सेवाधाम ट्रस्ट मुख्य रूप से किन क्षेत्रों में कार्य कर रहा है?
उत्तर: हमारा ट्रस्ट मुख्य रूप से संस्कारित शिक्षा (स्कूल व हॉस्टल निर्माण), गौ-सेवा, पक्षी सेवा और निःशुल्क चिकित्सा के क्षेत्रों में समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। रतनगढ़ (चूरू) में ४० बीघा का परिसर हमारे इन प्रकल्पों का मुख्य केंद्र है।
प्रश्न 2: क्या मेरा दान सुरक्षित है और इसका उपयोग कैसे किया जाएगा?
उत्तर: जी हाँ, आपका दान पूर्णतः सुरक्षित है। हम PayU जैसे सुरक्षित गेटवे का उपयोग करते हैं। आपके द्वारा दी गई राशि सीधे ट्रस्ट के बैंक खाते में जाती है और उसका उपयोग पारदर्शी तरीके से निर्माणाधीन विद्यालय, गौ-शाला और अन्य सेवा कार्यों में किया जाता है।
प्रश्न 3: क्या मुझे दान की रसीद प्राप्त होगी?
उत्तर: बिल्कुल। जैसे ही आपका दान सफल होता है, आपके द्वारा दिए गए ईमेल पर डिजिटल रसीद तुरंत भेज दी जाती है। आप भविष्य के संदर्भ के लिए उसे डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
प्रश्न 4: क्या मैं व्यक्तिगत रूप से ट्रस्ट के परिसर या कार्यों को देखने आ सकता हूँ?
उत्तर: आपका सदैव स्वागत है! हम पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। आप रतनगढ़ (जिला – चूरू) स्थित हमारे ४० बीघा के परिसर में आकर चल रहे कार्यों को देख सकते हैं और बच्चों व गौ-माता की सेवा में हाथ बँटा सकते हैं।
प्रश्न 5: क्या ट्रस्ट में केवल आर्थिक सहयोग ही किया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, आप धन के अलावा अपने समय, श्रम या विशेषज्ञता (जैसे शिक्षक या डॉक्टर के रूप में) के माध्यम से भी जुड़ सकते हैं। सेवा के इस महायज्ञ में हर छोटा-बड़ा सहयोग वंदनीय है।
यदि आप हमारे सेवा कार्यों से जुड़ना चाहते हैं, स्वयंसेवक (Volunteer) बनना चाहते हैं, या कोई जानकारी चाहते हैं, तो बेझिझक हमसे संपर्क करें।
Location
Dhaka Ki Dhani, Jhajhar Road, Nawalgarh, Rajasthan 333042
Our hours
09:00 AM – 06:00PM
Open Everyday
Contact us
Phone: +91-9460541211
Email: shri@ramseva.net
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